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बच्चों का दिमाग तेज़ करने के उपाय – How to increase memory power in children

च्चों का सही विकास माता पिता का सबसे बड़ा कर्त्तव्य है। विकास की बात करें तो जितना ज़रूरी शारीरिक विकास है, उतना ही ज़रूरी है मानसिक विकास। जहाँ शारीरिक विकास के लिए खाने पीने का ध्यान देने की ज़रुरत होती है, वहीं मानसिक विकास के लिए बच्चों को एक अच्छा माहौल और प्यार की जरूरत होती है।

आज की बढ़ते प्रतियोगिता के युग में हम सब अपने बच्चों को कामयाब होते देखना चाहते हैं। हम सभी चाहते है कि हमारा बच्चा बुद्धिमान बने और पढ़ाई में आगे निकले।

क्या हमने कभी सोचा है कि बच्चों के दिमाग की असीमित संभावनाएँ है। अगर बच्चों के दिमाग की कोशिकाएं सही समय पर विकसित हो जाएँ तो हर घर में Einstein जैसा बुद्धिजीवी मिलेगा

हमे ज़रुरत है सिर्फ बच्चों को सही माहौल देने की और कुछ ऐसे उपाय करने की जिनसे मन शांत रहे, एकाग्रता बढ़ेऔर बुद्धि कुशाग्र हो।

आज हम कुछ ऐसे ही उपाय अलग-अलग विद्याओं से चुन कर लायें है जो आपके बच्चों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकतें हैं। आगे जो हम उपायों पर चर्चा करेंगे वो ज्योतिष, वास्तु, आयुर्वेद, यन्त्र  मंत्र, फेंग शुई आदि अनेक विद्याओं का अचूक मिश्रण है। एक एक उपाय अपने आप में सम्पूर्ण उपाय है। आप इन उपायों में से एक या एक से अधिक उपाय अपनी सुविधा अनुसार उपयोग बच्चों के जीवन में उतार सकतें है।

#1 कपूर का प्रयोग:

कपूर मन की स्थिरता के लिए बहुत उपयोगी है। आप कपूर के टुकड़े को अपने बच्चों के स्टडी टेबल या बेडरूम में रख सकतें है। इससे बच्चों के मन पढाई में तत्पर लगेगा।

#2 चाँदी का प्रयोग:

चाँदी के गिलास में पानी या दूध पीने से भी चन्द्रमा बली होता है और पढाई में मन लगने में मदद मिलती है। दूध में थोड़ी हल्दी डाल कर चाँदी के गिलास में पीने से चन्द्रमा एवं गुरु दोनों बली होतें हैं।

#3 बेड पर न करें पढ़ाई :

बच्चों में बेड पर बैठ कर पढने की आदत न डालें। बेडरूम तथा बेड पर नींद की ऊर्जा एवं नकारात्मक ऊर्जा हावी रहती है। बेड पर पढने से नींद जल्दी आती है।

#4 घाँस पर टहलें:

सुबह सुबह घाँस पर टहलने से न सिर्फ आँखें तेज़ होती है बल्कि यह बुध गृह को बली करने का सर्वोत्तम उपाय है। इसी के साथ सुविधा हो तो हरी घाँस खासकर बुधवार को गाय को खिलाएं। इससे बच्चों के बुद्धि का विकास तीव्रता से होगा।

#5 सूर्य ऊर्जित जल:

हरी कांच की बोतल में पीने का जल भर सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक धूप में रखें। यह जल बच्चों को दिन भर में पिलायें। इससे बुद्धि एकाग्र और तीव्र करने में लाभ मिलेगा।

#6 पढ़ने की सही दिशा:

बच्चों का स्टडी रूम घर के उत्तर या पश्चिम कोण में होना चाहिए। कमरे में बच्चों की स्टडी टेबल ऐसे रखें की बच्चा उत्तर की तरफ मुँह करके पढ़े। इम्तेहां में सफलता के लिए पूर्व दिशा में पढाई कर के इम्तेहां देने से सफलता मिलती है।

#7 सरस्वती मंत्र:




बच्चों में सुबह पूजा के समय सरस्वती बीज मंत्र कम से कम 24 बार पढने की आदत डालें। सरस्वती मंत्र “ॐ ऐं सरस्वत्ये ऐं नमः”।यह माँ सरस्वती का बीज मंत्र है, किसी भी बौद्धिक कार्य की सफलता के लिए इस मंत्र का उपयोग किया जा सकता है। विद्या, ज्ञान व वाक् सिद्धि के लिए  श्वेत आसान पर पूर्वाभिमुख बैठकर स्फटिक की माला से नित्य इस बीज मंत्र का जप करने से लाभ मिलता है।

#8 बुध मंत्र:

बुद्धि को कुशाग्र बनाने के लिए बुध का बीज मंत्र बहुत उपयोगी है। उत्तर दिशा की तरफ मुख कर बुध मंत्र “ऊँ बुं बुधाय नम:” का नित्य या बुधवार को १ माला जप बच्चों को जरूर करना चाहिए।

#9 चन्द्र मंत्र:

अगर आपके बच्चे का मन अशांत रहता है तो स्थिर मन के लिए बच्चे से सोमवार को चन्द्र का बीज मंत्र “ ॐ सोम सोमाय नमः” का १ माला जप करवाए। इसे करने से मन शांत होगा और बच्चे का मन पढ़ाई में बेहतर लगेगा।

#10 पढाई के कमरे की साज सज्जा :




पढाई के कमरे में नीले या हरे रंग का प्रयोग करें। कमरे में महापुरुषों की फोटोज लगाये जाने चाहियें। कमरे में सूर्य या पहाड़ का चित्र लगाने से बच्चों का लक्ष्य जल्द निर्धारित होता है। बच्चों के कमरे में नकारात्मक एवं उत्तेजित करने वाले चित्र न लगायें। कमरे में हरे पर्दों का उपयोग करें। जितना ज्यादा हो सके लकड़ी के फर्नीचर का ही उपयोग करें। दीवारों पर हलके रंगों का प्रयोग करें।

 

बच्चों का भविष्य उस सपने की तरह होता है जो माँ बाप खुली आखों से सुबह-शाम देखतें हैं। इस सुनहरे सपने को पूरा करने के लिए आपकी कोशिशों में ये उपाय चार चाँद लगा देंगे।

 

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