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नवरात्रि

नवरात्रि में भूल कर भी न करें ये 10 ग़लतियाँ

वरात्रि भारत देश का सबसे प्राचीन एवं प्रचलित पर्व है | नवरात्रि पर देवी पूजन और नौ दिन के व्रत का बहुत महत्व है. भक्तजन मां दुर्गा के नौ रूपों की अाराधना इन नौ दिनों में श्रद्धा के साथ अलग अलग तरीकों से करतें हैं |

नवरात्रि वर्ष में चार बार आता है। पौष, चैत्र,आषाढ,अश्विन माह में प्रतिपदा से नवमी तक नवरात्रि को मनाया जाता है। चैत्र और अश्विन की नवरात्रि को सामूहिक रूप से मनाने का प्रचालन है | पौष और आषाढ़ की नवरात्रों को गुप्त नवरात्र भी कहते है, क्योंकि यह हमारे ऋषि मुनियों ने साधना के प्रयोजन के लिए गुप्त रखी है |

नवरात्रि के नियम और पूजा विधि तो ज्यादातर लोगों को पता रहती है | अनेक पुस्तकों और वेबसाईट पर हम नवरात्रि की जानकारी प्राप्त कर सकते है | नवरात्रि में क्या नहीं करना चाहिए ये शायद बहुत लोग नहीं जानते |




आइये बात करते है उन दस कार्यों के बारे में जो नवरात्रि के दौरान हमे नहीं करने चाहियें |

1. व्रत रखने वाले साधकों को अपने सिर और दाढ़ी के बाल नहीं कटवाने चाहिए |

2. यदि आप नवरात्रि में  कलश स्‍थापना करते हैं और अखंड ज्योति जला रहे हैं तो इस समय घर खाली छोड़कर कहीं भी न जाएँ | इस समय घर में ताला लगाना शुभ नहीं है |

3. नवरात्रि में मांसाहार, प्याज, लहसुन आदि नहीं खाना चाहिए |




4. नवरात्रि में खटाई, नीम्बू ,आचार इत्यादि खाने से बचना चाहिए |

5. इन नौ दिनों में दोपहर के समय नहीं सोना चाहिए | इससे व्रत रखने का उचित फल नहीं मिलता |

6. नवरात्रि  में समय बेकार की बातें कर के, नेगेटिव चीज़ों के बारे में सोच कर नवरात्रि ख़राब करने से बचना चाहिए |

7. नवरात्रि में किसी के घर का खाना, खासकर मिठाई नहीं खानी चाहिए |

8. इन नौ दिनों में मनोरंजन और भौतिक इच्छाओं में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए |

9.  नवरात्रि में ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए |

10. देवी व्रत में कन्या पूजन से उद्यापन करने की मान्यता है | इसलिए नौ दिन व्रत के बाद नौ कन्याओं को भोग लगा कर ही व्रत खोलना चाहिए |




प्रकृति ने हमें नवरात्रि के रूप में ऐसे नौ दिव्य दिवस दिए है, जिनका अगर हम सोच समझ कर लाभ उठाये तो हम जन्म जन्मांतर के बुरे कर्मों को भी भस्म कर सकते है | नवरात्रि में साधना करने से हम नौग्रहों को भी अपने अनुकूल बना सकते है | हमे नवरात्रि में अपने आपको साधना में निर्वृत कर दैवी कृपा के साथ एक नव जीवन की शुरुआत करनी चाहिए |

 

आइये क्यों न हम इस नवरात्रि से ही अपने संस्कारों के नव निर्माण का शुभ कार्य शुरू करें |

 

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