ड़ी का घर और ऑफिस की दीवारों पर होना एक आम बात है। घड़ियां ना ही सिर्फ हमें समय बताती हैं, बल्कि हमारे अच्छे-बुरे समय में भी योगदान देती हैं। समय सनातन हैं और घड़ी समय का एक स्थूल मापदंड है। समय जब ख़राब चलता है तो अक्सर घड़ियाँ भी धोखा दे जाती हैं। घर या ऑफिस में दीवार पर लटकी घड़ी आपके वक्त के बारे में बहुत कुछ कहती है। इन्हें अगर सही दिशा में लगाया जाए तो यह अच्छा समय लेकर आती हैं, और गलत दिशा में लगी घड़ी आपके लिए बुरा वक्त भी ला सकती है। चलिए आज हम जानें घड़ियों के बारे में कुछ सूक्ष्म बातें।

#1 तोहफे में न दे प्रियजनों को घड़ी :

हम लोग अक्सर अपने प्रियजनों को तोहफे में घड़ी दे देते हैं। शायद हमे यह नहीं पता कि घड़ी कभी किसी को तोहफे में नहीं देनी चाहिए। इसे तोहफे में देकर आप उसे अपना अच्छा और बुरा समय दोनों दे रहे हैं। जब हम किसी को घड़ी देते हैं तो समय बंध जाता है, और वह सामने वाले के लिए ठीक नहीं होता।

#2 किस दिशा में न लगायें घड़ी:

घर और ऑफिस में दीवार घड़ी या मेज़ घड़ी किस दिशा में लगाये इसके लिए वास्तु शास्त्र में विस्तार से बताया गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार किस भी कमरे की दक्षिण दीवार पर घड़ी नहीं लगानी चाहिए। दक्षिण दिशा यम देवता की दिशा होती है. कहते है यम देवता की तरह मुँह कर के केवल पितरों का श्राद करते हैं। किसी भी शुभ कार्य को दक्षिण दिशा की तरफ मुँह करके नहीं करना चाहिए।




दूसरी वजह है दक्षिण दिशा का मूल स्वभाव यानि ठहराव। दक्षिण दिशा ठहराव की दिशा होती है इसीलिए मुखिया के कमरे बनाने के लिए यह सबसे लाभकारी दिशा होती है। ठहराव के स्थान पर टिक टिक चलती घड़ी उस ठहराव को भंग कर देती है। यह घर की स्थिरता के लिए ठीक नहीं होता। दक्षिण दिशा या दीवार घर के मुखिया का स्थान होता है। अगर आपको दक्षिण की खाली दीवार पर कुछ लगाना है तो आप घर के मुखिया की तस्वीर या परिवार की खुशहाल तस्वीर लगायें इससे मुखिया की उम्र लम्बी होती है और खुशहाली में ठहराव आता है।

फेंगशुई के अनुसार दक्षिण दिशा करियर की दिशा होती है। दक्षिण में घड़ी लगा कर हम घर के मुखिया का करियर और प्रगति को बाँध देते हैं। इस दिशा में घड़ी लगाने से ज़िंदगी में अन-चाही अड़चनें आने लगती हैं

एक और वजह से दक्षिण में घड़ी लगानी वर्जित है। दक्षिण दिशा से सूर्य की नकाराक्मत ऊर्जा आती है। अगर दक्षिण दिशा में घड़ी हुई तो आप बार बार घड़ी देखने के लिए दक्षिण की तरफ मुँह करेंगे और सूर्य की नकारात्मक ऊर्जा ग्रहण करेंगे जो आपकी सेहत के लिए ठीक नहीं है। दक्षिण की तरफ मुँह करके कोई भी शुभ कार्य करने से उसमे विघ्न और असफलता की सम्भावना बढ़ जाती है।

#3 घर में किस जगह न लगायें घड़ियाँ:

दक्षिण दिशा के अलावा एक और ऐसी जगह है जगह घड़ी लगाना वास्तु शास्त्र के अनुसार वर्जित है। हमें घर के मुख्य द्वार के ऊपर भी घड़ी नहीं लगानी चाहिए. घर के मुख्य द्वार के ऊपर घड़ी लगाने से घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा बंध जाती है। घड़ी से उत्पन्न होने वाली एलेक्ट्रोमाग्नेक्टिक रेडिएशन मुख्य द्वार से आते जाते हर जीव के लिए हानिकारक होती है। यह ध्यान में रहने वाला नियम बना लें कि घड़ी किसी भी दरवाज़े के ऊपर नहीं लगानी है।

#4 किस आकृति की घड़ियाँ है फायदेमंद:

घडी की दिशा और जगह के साथ हमे उसकी आकृति पर ध्यान देना भी आवश्यक है। घड़ियाँ गोल, चौकोर या आयत (रेक्टेंगल) आकर की ही होनी चाहिए. आज कल मार्किट में अजीब अजीब और अनियमित आकार की घड़ियाँ उपलब्ध है। यह पहली नज़र में तो आकर्षिक लगती हैं पर यह अनियमितता को आमंत्रित करती हैं।

#5 घर में न रहे ख़राब एवं रुकी घड़ियाँ:




घड़ी के सम्बन्ध में एक और बात वास्तु शास्त्र के अनुसार महत्वपूर्ण है। आज के टेक्नोलॉजी युग में जहाँ हाथ की और दीवार पर लगी घड़ियों का बहुत ज्यादा महत्व नहीं है, ये आम बात हो सकती है की घर के किसी कोने में कोई घड़ी ख़राब हो और किसी का ध्यान न जाए। ढूँढने पर अलमारी में दर्जनों पुरानी और ख़राब घड़ियाँ यादगार के रूप में किसी भी घर में मिल जाएँगी। घर में रुकी हुई घड़ियाँ होना घर के सदस्यों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। बंद घड़ियों का घर में होने से घर की सकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है। इसलिए हमें बंद और ख़राब घड़ियों को तुरंत ठीक कराना चाहिए या घर से हटा देना चाहिए।

#6 घड़ियों को न होने दे पीछे:

अपने समय को सकारात्मक बनाने के लिए एक और उपाय पर ध्यान देने की ज़रुरत है। वास्तु शास्त्र के अनुसार पीछे चलने वाली घड़ियाँ आपके अच्छे समय को रोक सकती हैं। घड़ी हमेशा सही समय दिखने वाली होनी चाहिए अन्यथा थोड़ा आगे समय दिखने वाली भी लाभकारी होती है। पीछे चलने वाली घड़ी का समय हमें तुरंत ठीक करना चाहिए।

#7 घड़ियों पर न जमने दे धूल:

समय ही जीवन है और समय का उपयोग और ध्यान रखने से जीवन उज्जवल होता है। इसी तरीके से हमें अपने घर की घड़ियों पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर हमारे घर में घड़ियों पर धूल जम रही हो तो यह हमारे समय के लिए शुभ नहीं है। हमें बीच बीच में घड़ियों की विधिवत सफाई करनी चाहिए। ऐसा करने से हम अपने समय को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते है।

#8 घड़ी से न होने दें अपने शरीर को नुक्सान:

क्या आप जानते हैं की घड़ी अगर गलत जगह पर रखी हो तो आपके शरीर तथा मन को धीरे धीरे हानि पँहुचा सकती है। घड़ी को तकिये के नीच, सिरहाने के ऊपर रख कर नहीं सोना चाहिए। घड़ी सोते समय बहुत पास होने से नींद में विघ्न होता है तथा घड़ी से निकलने वाली एलेक्ट्रोमाग्नेक्टिक रेडिएशन हमारे शरीर को क्षति पँहुचा सकती है।

#9 घर में लगायें मधुर ध्वनि उत्पन्न करने वाली घड़ियाँ :




घड़ियों के सन्दर्भ में ऐसी भी मान्यता है की घर की बैठक में मधुर ध्वनि उत्पन्न करने वाली घड़ी लगानी चाहिए। ध्वनि वाली घड़ी से निकली हर घंटे मधुर ध्वनि घड़ी के आस पास की ऊर्जा को सकारात्मक बनाती है और हर घंटे आपका ध्यान समय की गति की तरफ ले जाती है। ऐसी भी मान्यता है की घर में एक पेंडुलम वाली घड़ी भी लगानी चाहिए। मन जाता है की पेंडुलम अपनी चाल से आपके जीवन को गतिमान रखता है।

#10 कहाँ लगायें घड़ियाँ:

दक्षिण दिशा को छोड़ आप उत्तर, पूरब और पश्चिम किसी भी दिशा में घड़ी लगा सकते है। ये दिशाएँ सकारात्मक है तथा यहाँ घड़ियाँ लगाना अपने समय के लिए शुभ होगा।

घर में छोटी छोटी वस्तुओं का ध्यान रख कर हम अपने घर को स्वर्ग समान बना सकते है। चलिए क्यूँ न आज ही हम अपने घर का विश्लेषण करें और अपने घर की घड़ियों को सही जगह पर लगा कर अपने समय को सकारात्मक बनाएँ।